कोविड-19 विश्व महामारी का दिल्ली में विकराल

Grocery distribution in Pandemic Covid-19दिसंबर 2019 भारत के लिए ही नहीं अपितु पूरी दुनिया के लिए एक घोर संकट की शुरुआत थी और वह संकट कोविड-19 के रूप में पूरी दुनिया को तबाह करने के लिए अपना विकराल रूप-धारण कर चीन के वुहान् शहर में इस वाइरस की उत्पत्ति हुई। उसके उपरांत पूरे विश्व को अपने चपेट में लिया साथ-ही-साथ हिन्दोस्तान में 30 जनवरी को केरल में पहली बार इसका आगमन हुआ। कुछ ही दिनों में पूरे भारत में फैलते हुए इसने दिल्ली में दस्तक दी।  

एक 2 महीने बीत जाने पर भी इससे बचने के ना तो कोई उपाय और ना ही कोई उम्मीद दिख रही थी। लेकिन सुरक्षा ही बचाव है इस तर्ज पर बहुत सारे देशों की तरह भारतीय सरकार ने भी लॉकडाउन लगाने का निर्णय लिया पर महीना और दो महीना बीत जाने पर भी कोरौना महामारी से बचने का कोई उपाय नजर नहीं आ रहा था। 

यह वाइरस ’दिन दुना-रात चौगुना’ की दर से हिन्दोस्तान के हर इलाके में फैलता गया। इसकी रोकथाम करने के लिये भारत सरकार द्वारा पहली बार 22 मार्च 2020 को ’जनता कर्फ्यू’ का ऐलान किया गया। उसके दो दिन बाद 25 मार्च 2020 से 21 दिन के लिये पूरे भारत को पूर्णरुप से लॉकडाउन के अधीन किया गया। जिसमें पूरे हिन्दोस्तान में सभी को यह आदेश दिया गया कि हर गतिविधि को बंद करना होगा जिसमें स्कूल, कॉलेज, हर तरह के बाजार, सभी सरकारी एवं निजी कार्यालय और हर तरह के परिवहन के साधन को प्रतिबंधित किया गया और हर नागरिक को पूर्णरूप से घर में रहना होगा ऐसे आदेश जारी किए गया कि सभी सरकारी आदेश का पालन करें और बीमारी कि रोकथाम में अपना सहयोग यह सिलसिला अभी तक जारी है।  

Grocery distribution in Pandemic Covid-19इस बीमारी के तहत लाखों लोग बेरोजगार हो गये हैं। जिसमें दैनिक मजदूर, असंगटित क्षेत्र में काम करने वालों की हालतें बद से बद्तर हो गई और वह लोग खाने से भी वंचित हो गये है। उन्हें एक वक्त का खाना भी नसीब नहीं हो पा रहा था। ऐसे वक्त में सरकार तथा समाजसेवी संगठनों ने आगे आकर जरूरतमंद लोगो की अलग-अलग रूप में मदद किया। 

सरकार की मदद से इन लोगों को राशन की कुछ सुविधा उपलब्ध कराई गई लेकिन वह पर्याप्त नहीं था। कुछ लोग इस से भी वंचित रह गए थे। ऐसे लोगों के लिए जयशकर मेमोरियल सेंटर ने कुछ मदद करने की सोची। बड़े पैमाने पर सहयोग दे पाना शायद मुमकिन ना था फिर भी एक छोटी सी शुरुआत बतौर हम ने अपनी ही संस्था के कुछ बच्चों के घरों में दो वक्त की रोटी जरूर मुहैया कराई।  

15 मई 2020 को हमने सबसे ज्यादा जरूरतमंद और जिन्हें कहीं से भी कुछ भी मिल पाने की उम्मीद ना के बराबर थी उनके परिवारो के लिये दैनिक जीवन में इस्तेमाल की जाने वाली आवश्यक वस्तुओं की एक किट बनायी गयी और फिर इसको 15 परिवारों में वितरित किया गया जिन्हें उनकी सख्त जरूरत थी इनकी सारी जरूरतें शायद हम पूरी ना  कर पाए लेकिन जो इनके लिए तत्काल में आवश्यक सामग्री की जरूरत थी जैसे आटा, तेल, चावल, मसाले, चीनी,  नमक, चना, दाल, सर्फ, साबुन, आलू, प्याज इत्यादि का एक किट बनाकर इन्हें दिया गया उम्मीद है हमारे इस छोटे से योगदान से उनके जीवन में जो मुश्किलों  का तत्काल दौर चल रहा है वह थोडा कम हो ऐसी कामना करते हैं।