बच्चों ने दिखायी बचपन की सीख

Delhi book fair-2019दिल्ली का प्रगति मैदान मेलों के लिये खास जगह बतौर बहुत ही लोकप्रीय है। यहां लगनेवाला हर मेला अपने आप में खास होता है वैसे ही दिल्ली पुस्तक मेला इस बार खास इसलिये भी था कि ’बचपन सोसाइटी’ के तरफ से जिस कार्यक्रम को आयोजित किया गया था जो उसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150 वीं जयंती को समर्पित था।

13 सितम्बर 2019 को सुबह जे.एम.सी. के प्रांगण में कुछ अलग ही माहौल देखने को मिल रहा था। क्योंकि दस दिन से चल रहे कला के बेहिसाब अभ्यास के बाद प्रगति मैदान में सबके सामने उनको प्रदर्शन करने का मौका मिलने वाला था। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रगति मैदान में चल रहे पुस्तक मेला में बचपन सोसाईटी के द्वारा बच्चों के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसमें जयशंकर मेमोरियल सेंटर (जे.एम.सी.) के बच्चों को भी आमंत्रित किया गया था। इस कार्यक्रम में कुल 11 बच्चों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का आयोजन सुबह 11 बजे से 1 बजे तक किया गया था जिस कार्यक्रम में जे.एम.सी. के अलावा कई और एन.जी.ओ. के बच्चे भी शामिल हुए थे। जिसमें मुख्यतः ज्ञानदीप, छोटी खुशी, अंकुर एवं असीम के बच्चे शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वर्षा दास नेशनल बुक ट्र्रस्ट में पूर्व निदेशक के पद कर रह चुकी हैं ।Delhi book fair-2019

इसके अलावा कार्य  निवृति के बाद अभी नेशनल गांधी म्यूजियम में निदेशक के पद पर कार्यरत है इनके अलावा कुसुमलता सिंह, शशी जैन एंव प्रतिभा चैहान इत्यादि शामिल थे। कार्यक्रम का शुभारंभ  कुसुमलता सिंह के द्वारा एक गाना ’बचपन से हम आए है कथा कहानी लाए है’ से किया गया।  उसके बाद मुख्य अतिथि वर्षा दास जी ने कार्यक्रम को संबोधित किया  एंव राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी पर आधारित कुछ गाने एंव बापू के बचपन में हुई कुछ घटनाओं का विश्लेषण किया।

इसके बाद सभी बच्चों के द्वारा कला प्रदर्शन की शुरुआत हुई। जिसमें सबसे पहले ’ज्ञानदीप’ के बच्चों ने दांडी मार्च पर आधारित नाटक का प्रदर्शन किया और कार्यक्रम में उपस्थित सभी को प्लास्टिक छोड़ने की प्रेरणा दिलाई। दूसरे नंबर पर आए छोटी खुशी के बच्चे जिन्हांने भी दांडी मार्च पर नाटक दिखाया। उसके बाद ’असीम’ के बच्चो ने बापू पर आधारित गाना ’दे दी हमें आज़ादी’ पर नृत्य प्रस्तुत किया। Delhi book fair 

फिर बारी आई हमारे जे.एम.सी. के बच्चों की जिसमें उन्होनें बापू के बचपन पर आधारित नाटक जिसका नाम था ’बचपन की सीख’ प्रस्तुत किया। जिसमें उन्होने नाटक के माघ्यम से सबको बताया कि बापू कितने सच्चे, अहिंसावादी एवं आज्ञाकारी व्यक्ति कैसे बने। नाटक देखने के बाद हमारे बच्चों की कला एंव नाटक की कहानी देखकर प्रेरित मुख्य अतिथि वर्षा दास जी के द्वारा सारे बच्चों को पुरस्कार दिया गया।

सारे नाटक समाप्त हो जाने के बाद प्रांरभ हुआ बापू से संबंधित प्रश्नोत्तर की प्रतियोगिता का।  जिसमें जे.एम.सी. के बच्चे बहुत ही जोश एंव आत्मविश्वास के साथ सारे प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। पूरे हाॅल में जे.एम.सी. के बच्चों के हर सवाल पर सटीक जवाब सुनकर सारे लोग अचंभित थे।

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद पुस्तक एंव उपहार का वितरण किया गया। फिर हमलोग प्रगति मैदान से भ्रमण कर चल पड़े वापस अपनी मंजिल की ओर।