5 सितम्बर शिक्षक दिवस एक आदर्श शिक्षक के नाम

Teacher's Day-2019
Teacher's day celebration at JMC

गुरू ब्रह्मा  गुरू विष्णु

गुरू देवो महेष्वर :

गुरू साक्षात् परब्रह्मा

तसमै श्री गुरूवै नमः

एक शिक्षक का हमारे जीवन में क्या महत्व है सदियों पुराने लिखे गए इस दोहे से हमें ज्ञात होता है  उसी महत्व को अपने दिल में बनाए रखने के लिये ’ शिक्षक दिवस’हमारे भूतपूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन् जो एक शिक्षक के अतुलनीय उदाहरण है के जन्मदिन पर मनाया जाता है। इस कड़ी को जोड़ते हुए 5 सितम्बर 2019 को जे.एम.सी. के सभी वर्गो के बच्चों ने मिलकर शिक्षक दिवस का आयोजन किया।Teacher's day Celebration

बच्चों की संख्या काफी अधिक होने की वजह से इस कार्यक्रम को दो अलग-अलग समय में  पूर्ण रूप दिया गया। लड़कों ने सुबह 10ः30 से कार्यक्रम की शुरुआत की वहीं दूसरी ओर लड़कियों ने 3 बजे संध्या से कार्यक्रम को मूर्त रूप दिया।

सुबह के कार्यक्रम में लगभग 60 छात्र शामिल थे साथ ही कार्यक्रम को रूपरेखा देने के लिए अतुल सर, आशिष सर, गुड्डी, बॉबी दीदी और छाया मैम उपस्थित थे। मुख्य अतिथि के रूप मे प्रोफेसर भरत सर ने आकर बच्चों का प्रोत्साहन बढ़ाया। कार्यक्रम की शुरुआत 9वीं और 10वीं के दो बच्चों ने सभी का स्वागत करते हुए की। फिर चल पड़ा रंगारंग कार्यक्रमों

का दौर जहां कुछ बच्चो ने मूक नाटक कर के सभी का मन मोह लिया वहीं दूसरी ओर अनेक बच्चो ने नृत्य से सबको अचंभित कर दिया । इसके अलावा अनेक नाटक, गीत, तथा भाषण देकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। 

 

Teacher's Day Celebration

प्रोफेसर भरत सर ने सबसे पहले सभी बच्चों को बधाई दी और फिर उन्हांने कहा कि किस तरह से हमारे सरकारी विघालयों में ढ़ंग की शिक्षा नहीं दी जाती और सुविधाएँ भी नहीं दी जाती और उसका फायदा  निजि विद्यालय उठाते है। अधिक से अधिक फीस लेकर बच्चों को शिक्षा देते है और हम भी मजबूर होकर वहॉ पढ़ते हैं क्योंकि हमें सरकारी विद्यालयों में अच्छी शिक्षा नहीं मिलती। इसी के साथ उन्होने कहा कि हम एक व्यक्ति बतौर  कुछ न कुछ सीखते है और इसी तरह से हमे आगे बढ़ते रहने के लिये हम मेहनत करते हैं साथ में हमें समाज को आगे बढाने के लिये भी सोचना चाहिए। । 

शाम 3 30 बजे छात्राओं के कार्यक्रम की शुरुआत 10वीं के दो छात्रां  अंजली और सलोनी ने की। कार्यक्रम मे कुल 70 छात्राएं शामिल थीं  और जे.एम.सी. के सभी सदस्य कार्यक्रम के संचालन में सहयोग दे रहे थे।  मुख्य अतिथि के रूप में लक्ष्मी मैम जो अक्सर जे.एम.सी. मे आकर बच्चों को सीखाने में मदद करती है आकर बच्चों के मनोबल को बढ़ाया। कार्यक्रम के शुरुआत मे लक्ष्मी मैम ने सभी को शिक्षक दिवस के अवसर पर बधाई दी।

साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप मे बच्चों ने अनेक नृत्य, गीत, नाटक की प्रस्तुति  के साथ ही कुछ बच्चो ने शिक्षक दिवस के बारे मे भी बताया।

Teacher's Day celebration-2019गुरू गोविंद के दोऊ ख़ड़े,

काकू लागे पाय

बलिहारी गुरू आपने

गोविंद दियो बताय।।

इस दोहे के माध्यम से रिमेडियल के शिक्षक आशिष सर ने बच्चों को बताया कि जब गुरू और भगवान साथ मे खड़े होते है तो पहले गुरू को प्रणाम करना चाहिए क्योंकि भगवान के बारे मे हमें गुरू ही बताते है यानि कि गुरू श्रेष्ठ है।   

अतुल - सर ने भी बच्चों को एक मकसद तय कर उसके पीछे जाने को कहा ं तथा सभी को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

बॉबी दीदी ने कहा कि  हर किसी के जीवन मे एक लक्ष्य होता है हमें उसी लक्ष्य को पाने के लिए बढ़ते चलना है। हमारे जिन्दगी में मां बाप ही हमें हाथ पकड़कर चलना सिखाते है उसी को ध्यान मे रखकर हमे आगे बढ़ना चाहिए।

लक्ष्मी मैम ने बताया कि हमारे जीवन में शिक्षक  का बहुत महत्व है। इनका स्थान भगवान से भी उपर है। हमारे आस-पास सभी हमारे लिए एक शिक्षक है और हम सभी से कुछ ना कुछ सीखते है। जैसे बच्चे हमें हमेषा हंसना सीखाते है और मम्मी पापा और गूरु आगे बढ़ना सीखाते है।  Teacher's day celebration -2019

छाया मैम ने कहा कि यहां हम पढाई के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के क्रियाकलापों के द्वारा बहुत कुछ सीखाते हैं। जिन्दगी मे मां बाप और शिक्षक एक सा योगदान है दोनो ही हमे क्या अच्छा है क्या बुरा है यह  सीखाते है इसके अलावा और भी लोग है जो जिन्दगी में हमें बहुत कुछ सीखाते है। हमें उनसे सीख लेनी चाहिए और खुद मे भी सोचना चाहिए की क्या सही है क्या गलत है।

इस तरह से बच्चों ने जो अपने शिक्षक के सम्मान ने रंगारंग कार्यक्रम किया वह अद्भूत और सराहएनीय था। कार्यक्रम का समापन बच्चों ने हंसी मजाक और मिलकर नृत्य करके किया तथा शुभकामनाओं के साथ एक दूसरे से विदाई ली।