खेल खेल के साथ ’बाल दिवस’

children day

जयशंकर मेमोरियल सेंटर में नवंबर 14 को ’बाल दिवस’ के अवसर पर विभिन्न प्रकार के खेल आयोजित किए गए थे। जेएमसी के बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण इस कार्यक्रम को दो दिनों में विभाजित किया गया था। 14 एवं 15 नवम्बर को जेएमसी के प्रांगण में कुछ अलग ही हर्षोउल्लास देखने को मिल रहा था। सारे बच्चों के चेहरे पर अलग ही ख़ुशी झलक रही थी। बच्चों के लिए दोनो दिन अलग-अलग खेलों का आयोजन किया गया था। इन खेलों के संचालन छाया रामटेके, अतुल सागर, आशीष कुमार और गुड्डी कर रही थी।

सारे बच्चे सुबह 9 बजे से ही जेएमसी की ओर  से बढ़े जा रहे थे। सारे बच्चों के चेहरे पर अलग ख़ुशी, जोश एवं पूर्णता हर्षोउल्लास छाया हुआ था। हम लोगों ने बच्चों के लिए कई तरह के खेलों का आयोजन किए थे। जिसमें नींबू चम्मच, कंगारू रेस, पेंसिल रेस, कपल रेस, सूई धागा एवं अंधा रेस मुख्य रेस था। अलग-अलग बच्चे सभी प्रकार के खेलों में शामिल होना चाहते थे, लेकिन समय के अभाव के कारण हर खेल में सीमित बच्चो को सम्मिलित किया गया।

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खेल का शुभारंभ लगभग 10 बजे अतुल सागर के द्वारा करवाया गया। इस दिन वर्ग 10वीं, 9वीं, 8वीं, 7वीं के लड़को ने खेल में भाग लिया। सारे खेल होते होते दिन के 2 बज गए। उसके बाद फिर लड़कियों की बारी आई। लड़कियों ने भी खूब जोर-शोर से खेलों में बहुत अच्छा प्रदर्षन किया। लड़कों एवं लड़कियों के खेल के समापन के साथ ही प्रथम दिन का खेल समाप्त किया गया। 

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15 नवम्बर दोपहर 2 बजे से जेएमसी के प्रांगण में छोटे बच्चों के खेलों का शुभारंभ किया गया । जिसमें वर्ग 4थी, 5वी व 6ठी तक के सारे बच्चों को शामिल किया गया। नन्हे-नन्हे पैरो के साथ जिस जोश से छोटे बच्चो ने प्रदर्षन किया वह रोमांचक होने के साथ-साथ काफी प्रतिस्पर्धात्मक भी रहा। सारे बच्चे बहुत ही खुष थे। दोपहर 4 बजे तक एक एक करके सारे खेल का समापन किया गया।

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दोपहर 4 बजे से पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम रखा गया। इस कार्यक्रम में छाया रामटेके, पूर्व शिक्षिका अर्चना, अतुल सागर, आशीष कुमार, गुड्डी एवं सारे बच्चे उपस्थित थे। छाया रामटेके ने अर्चना का परिचय देते हुए एवं सारे बच्चों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसमें छाया और अर्चना ने जेएमसी की इतिहास से संबंधित प्रेरणादायक बातें बताई। फिर अर्चना ने अपना परिचय देते हुए जेएमसी की खूबियां बताई। अंत में छाया रामटेके एवं अर्चना के द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया। इसी के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।