जे.एम.सी. पूर्व छात्रों का सम्मेलन समारोह

जे.एम.सी. एक रीड की हड्डी है जो हर किसी को अपने कदमों पर खड़े होने के लिये मदद करती है।

JMC Alumni Meet 2017

10वीं पास चांदनी ने इस बात को बहुत जोश और ख़ुशी के साथ रखते हुए कहा कि – “मैं अभी 11वीं कक्षा में कॉमर्स की पढ़ाई कर रही हूँ और भविष्य में एक सफल सी.ए. बनना चाहती हूं। मेरी आज भी इच्छा होती है की मैं आगे की पढ़ाई जे.एम.सी. में ही करूं क्योंकि हर दूसरी जगह पढ़ाई हो सकती है लेकिन अतुल सर की तरह भाई और छाया मेम की तरह एक मां नहीं मिल सकती। जिस तरह से अतुल सर हर छोटी गलती पर बड़ा सा भाषण देते थे तो हमे अच्छा नहीं लगता था। पर आज यह एहसास होता है कि उन्हीं सब बातों का असर है कि मैं आज सफल हो पायी हूँ। छाया मेम ने भी अपनी डांट-फटकार और प्यार से हमे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मैं सभी को सलाह देती हूँ कि अतुल सर की सभी प्रेरणादायक बातों को भाषण न समझें और उनके बताये रास्ते पर चलें तो सफलता आपके कदम चूमेगी”।

JMC Alumni Meet 201715 जुलाई 2017 को जे.एम.सी. के प्रांगण में कुछ नए चेहरे दिखाई दे रहे थे। जे.एम.सी. में पढ़ रहे बच्चों के लिए वो चेहरे नए है पर उनके लिए जे.एम.सी. काफी पुराना है। आज के दिन जे.एम.सी. में पहले पढ़ चुके 10वीं व 12वीं कक्षा के बच्चों के लिए समारोह सम्मेलन आयोजित किया गया।  

कार्यक्रम की शरुआत लाइब्रेरी की शिक्षिका गुड्डी रानी ने सभी का स्वागत करते हुए किया। फिर रिमेडियल के शिक्षक अतुल सागर ने कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए बच्चों को जिन्दगी में आने वाली कठिनाईयों तथा उसके लिए सही कदम का चयन करने के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने खुद स्टडी जैसे विषय पर भी बच्चों से चर्चा की। फिर श्रीमती छाया रामटेके ने बच्चों को संबोधित करते हुए उनकी सफलता के लिए बधाई दी। उसके अलावा उनसे गुजारिश कि की वह अपना अनुभव रखें और भविष्य में क्या करना चाहते हैं - को जानने की इच्छा की। फिर एक-एक करके सभी बच्चों ने अपनी जिन्दगी में जे.एम.सी. का योगदान तथा अभी वे क्या कर रहे है और भविष्य में क्या बनना चाहते हैं इस पर चर्चा की जिसके कुछ अंश निम्नलिखित है.................

10वीं पास पायल ने कहा कि – “मै फैशन डिजाईनिंग करना चाहती हूँ। जे.एम.सी. की सबसे बडी खूबी रही कि यहां बच्चों को पढाई के साथ-साथ अलग-अलग चीजों में भी प्रोत्साहन दिया जाता है। मुझे भी पेंटिंग का शौक रहा है और जे.एम.सी. ने मुझे इसके लिये प्रोत्साहन के साथ-साथ आगे बढ़ने के अनेक मार्गों के बारे में बताया। अतुल सर और छाया मेम ने हर तरह से हमारी मदद की और हमेशा हमें सफलता सूत्र बताते रहें है”।

JMC Alumni Meet 201712वीं में पास हुई पम्मी, ज्योतिका – “हम लोग जे.एम.सी. से 6-7 सालों से जुडे़ हुए हैं. शरुआत में हमे किसी के सामने बोलना तो दूर खड़े़ रहने में भी डर लगता था लेकिन बॉबी दीदी और छाया मैम ने हमारे अन्दर के उस डर को ख़त्म करने में अहम् भूमिका निभाई और हम लोग आपके समक्ष बिना किसी डर के और आत्मविष्वास के साथ बात कर सकते हैं”।

10वीं पास रोहित – “मैं जे.एम.सी आया था तो पढ़ाई के मामले में हो या किसी से बात करने का आत्मविश्वास सब में से में बहुत कमज़ोर था और इस वजह से मैं 9वीं में एक बार फेल भी हो चुका था। जिसकी वजह से अपने अभिभावको की नजर में भी गिर गया था और वो कहते थे कि मैं कुछ नहीं कर सकता। पर अतुल सर ने मेरी पढ़ाई तथा आत्मविष्वास का लेवल जीरो से 100 तक किया। और फिर ना तो मैं कभी असफल हुआ ना ही कभी किसी से बात करने मे डरा। मैं अभी 11वीं की पढ़ाई के साथ-साथ सरकारी नौकरी की भी तैयारी कर रहा हूँ जिसमें मुझे अतुल सर से उम्मीद है और उनका साथ रहा तो मैं जरूर सफल हो जाऊंगा”।

12वीं पास सुनीता, मधु और रानी – “जे.एम.सी. से हमारा रिश्ता बना बॉबी दीदी के द्वारा। हमें समय-समय पर डांटना और वक्त पड़ने पर प्यार से समझाना दीदी की आदत थी। हम लोगों की गणित काफी कमज़ोर रही पर जब हम रेमिडियल में आए तो अतुल सर ने वह कमी भी पूरी कर दी आज ना तो हमे गणित से डर लगता है और ना ही कोई अन्य विषय से श्।

JMC Alumni Meet 201712वीं पास राखी, काजल और प्रियंका – “हम लोग जे.एम.सी.  के साथ बचपन से जुड़े हुए हैं और यहीं से पढ़ाई की है। बॉबी दीदी, छाया मेम ओर अतुल सर के मार्गदर्शन से आज हम सफलता की ओर अग्रसर हैं। आगे भी उम्मीद है हमारी तरह और जरूरतमंद बच्चे जे.एम.सी. से लाभ उठाएंगे”।

12वीं पास अर्चना, अमृता और 10वीं पास चंदा – “हमने गांव से दिल्ली आने पर सबसे पहले जे.एम.सी. में ही नामांकन कराया। यहां अतुल सर ने एक दोस्त की तरह सही राह पर चलना एक अभिभावक की तरह गलतियों पर डांटना और एक षिक्षक की तरह पढ़ाई के प्रति लगनशील और मेहनती बनाना जैसे सारे कर्तव्य निभाए। साथ ही छाया मैम ने भी बीच-बीच में प्यार और मार्गदर्शन जैसे भावनात्मक रिश्ते को हमारे साथ बनाए रखा श्।

राखी की मां – “मेरे घर में चारो बच्चों ने यहीं से पढ़ाई की है। जहां एक और मेरा बड़ा बच्चा अभी सी.ए. कर रहा है वहीं राखी दिल्ली युनिवर्सिटी से बी.ए. की पढ़ाई पूरी करने वाली है। बाकी दो बच्चों ने 12वीं तथा 10वीं में बहुत ही अच्छे नम्बर से सफलता हासिल की है। जे.एम.सी. की सबसे बडी खासियत रही है यहां का अपनापन और यही वजह है कि चाहे पढ़ाई का क्षेत्र हो या पेंटिंग, नृत्य, संगीत, नाटक जैसे आदि उसमें भी बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। हमारे ही नहीं बल्कि बहुत सारे बच्चे इन क्षेत्रो में भी अपना नाम कमा रहे हैं। सब जे.एम.सी. का ही योगदान रहा है”।

JMC Alumni Meet 2017कार्यक्रम में अतिथि के रूप मे आई लक्ष्मी मैम ने सभी बच्चों को बधाई दी और बड़ी ख़ुशी के साथ 10वीं, 12वी और कॉलेजों में पढ़ने वाले बच्चों को संबोधित करते हुये कहा कि आप लोग काफी मेहनती और लगनशील हो तथा अगर सही रास्ते पर चले तो जरूर सफल हो जाओगे।

अंत में श्रीमती विमला रामकृष्णन् ने बच्चों को एक यूथ क्लब बनाने का सुझाव देते हुए उनकी सफलता पर बधाई दी। उन्होंने बच्चों से कहा कि एक ऐसा यूथ क्लब बनना चाहिए जिसमें सभी मिलकर समाज और स्कूल में हो रहे विभिन्न कार्याकलापों और अधिकारो के बारे में चर्चा करें। और ऐसा हर महीने किसी एक विशेष तिथि को होना चाहिए। इस प्रस्ताव के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।