दिल्ली पुस्तक मेला में साक्षी का जय जयकार

Delhi Book Fair 201630 अगस्त 2016 सुबह जे.एम.सी. में बच्चो की उपस्थिति 8 30 बजे से ही शुरू हो गई थी क्यों कि आज उनमें कुछ सीखने की, घूमने की, और कुछ कर दिखाने की ललक दिख रही थी। ऐसा इसलिए था, क्योंकि उन्हे आज 'दिल्ली पुस्तक मेला' में हिस्सा लेना था. इनमें कला और साहित्य तो कूट कूट कर भरा है लेकिन ऐसे मौके बहुत ही कम मिलते हैं जिसमें इन्हे अपनी हुनर को दिखाने का और कुछ कर गुजरने का मौका मिलता है। इन बच्चों को जे.एम.सी. और बचपन सोसायटी ने यह अवसर दिया । वहां बच्चों ने पुस्तक की दुनिया और शिक्षा से जुड़े हर गतिविघियों को देखा सुना और समझा।

बचपन सोसायटी के कार्यक्रम की शुरुआत में कुसुम लता सिंह ने सभी का स्वागत करते हुए एक गीत गाया 'बचपन से हम आये हैं कथा कहानी लाए हैं' । फिर उन्होने कार्यक्रम को आगे बढाते कहा कि उस दिन का विषयवस्तु है 'चम चम चमके देश हमारा' है। और आज आये हुये सभी बच्चे इसमें सफाई, स्किल डेवलपमेंट, कंप्यूटर एजुकेशन् व साक्षरता इन विषय पर आधारित प्रस्तुतियां पेश करेंगे।

इस कार्यक्रम में मंच पर पूजा मल्होत्रा, शशी जैन, प्रतिमा और गिरजा रानी अस्थाना आसीन थे तथा मुख्य अतिथी के रूप में डा. संघमित्रा भी मौजूद थी। फिर प्रतिमा ने बच्चों को साफ सफाई के बारे में समझाया कि उन्हें किस तरह से अपने घर तथा आस पास की जगहों को साफ रखना चाहिए व बीमारियों से दूर रहना चाहिये।

Delhi Book Fair 2016सबसे पहले अंकुर लाईब्रेरी से एक छोटी लडकी ने स्व्च्छता पर एक कविता सुनाई और ज्ञानदीप संस्था ने सफाई पर आधारित एक नाटक प्रस्तुत किया। उसके बाद जे.एम.सी.  से हमारे बच्चो ने भी एक नाटक प्रस्तुत किया जिसका नाम 'बेटियो की हिम्मत' जिसमें अमिता, रजनी, अंजली, अनु, सपना, हिमानी, श्रीना, रंजना, जान्हवी, सुनिता, स्मृति और सोनम ने भाग लिया।  

इस नाटक में समाज के उन पहलुओ को उजागर करना था जिसमें लडकियों को बहुत सारे क्षेत्रों में भागिदारी लेने से रोका जाता है, जैसे खेलखूद, नृत्य, संगीत आदि। जहां वह अपनी हुनर से समाज में अपनी जगह नहीं बना पाती है। इस नाटक में एक लडकी साक्षी का जिक्र हुआ जो कि कुश्ती में अपना नाम कमाना चाहती थी। लेकिन घर व समाज की पुरानी परंपरा तथा रुढिवादी सोच उसके रास्ते के रुकावट बन रहे थे। लेकिन साक्षी इन सारे बंधनो को तोडकर अपनी मां के सहारे आगे बढती है तथा एक दिन अपने मुकाम को हासिल कर लेती है। जब खेल जगत में उसके नाम की जय जयकार होने लगी तो वही लोग जो उसके रास्ते के रुकावट बन रहे थे उसे अपना बताने लगे।

Delhi Book Fair 2016इसके अलावा इस कार्यक्रम में असीम लैब्ररी ने मच्छरों से फैलने वाली बिमारियों पर आधारित नाटक 'कुछ तो समझो' व अंकुर लैब्ररी ने 'बेटियों को पढाओ' जैसे नाटक प्रस्तुत किये गये।

कार्यक्रम के अंत में जे.एम.सी. द्वारा प्रस्तुत नाटक का वहां पर काफी सराहना की गई और संचालको द्वारा उत्कृष्ट किरदार के लिये साक्षी कि किरदार "सपना" को पुरस्कृत किया गया इसके साथ-साथ अन्य संस्थाओ को भी पुरस्कृत किया गया। इस तरह सभी बच्चे वहां से हसी ख़ुशी विदा हुये।