जी.आर.सी. में समर कैम्प का आयोजन किया!

जी.आर.सी. में समर कैम्प का आयोजन किया, जिस में 5वीं, 6वीं और 7वीं कक्षा के बच्चों ने हिस्सा लिया। यह कैंप एक सप्ताह चलाया गया जिसमें करीब ५० बच्चों ने जोर शोर से हिस्सा लिया. कैंप में आर्ट, क्राफ्ट, स्टोरी टेलिंग, चत्रकारी, इत्यादि के द्वारा अपना कौशल दिखाया.

Summer Camp 2015

पहला दिनPaper & Craft

दिनांक: 1-6-2015, समय-10 बजे से 12 बजे तक

विषय: Art & Craft (Paper basket & Flowers)

उपस्थिति: यासमीन, गुडडी,बाबी नायक, सुरेष सिहं, छाया प्रवीन।

आज जी.आर.सी. मे हमने समर कैम्प का आयोजन किया जिस में 5वीं 6 और 7वीं कक्षा के बच्चों को बुलाया गया। कैम्प की षुरूआत हमने आपसी परिचय से की। इसके बाद हमने बच्चों को वेस्ट कागज(अखबार,मेगजींन) से टोकरी बनानी बताई।फिर 4-4 बच्चो का ग्रुप बनाकर सभी को अखबार की एक-एक टोकरी बनाने के लिए दी सभी बच्चों ने मिलकर बहुत ही अच्छी टोकरियॅा बनाई।इसके बाद बाबी और गुडडी ने बच्चों को कागज़ की सीटी और उड़ने वाली मछली बनानी बताई।जिसे बनाकर बच्चे बहुत खुष हुए।

दुसरा दिन

दिनांक: 2-6-2015, समय-10 बजे से 12 बजे तक

विषय: Importance of Life Skills (जीवन कौषल का महत्व)

उपस्थिति: संगीता,षगुफी,(रूमटू रीड) और यासमीन, सुरेष सिंह (जे.एम.सी.)

आज की क्लास रूम टूरीड से आई संगीता और षगुफी ने ली। हमने उनका परिचय बच्चों से करवाया। फिर उन्होने बच्चों को अपना परिचय देने के लिए कहा लेकिन उन्होने एक नये तरीके से बच्चों को अपना परिचय करवाया। उन्होने अपने नाम की जगह अपने पंसद की चीज बताई और पंसद की जगह अपना नाम बताया। जैसे-मेरा नाम पानी पुरी है और मुझे सिमरन पंसद है।

इसके बाद एक ताली बजाने वाली Exercise करवाई। इसके बाद बच्चों से पूछा की जब वे नई क्लास में आऐ तो उन्होने क्या-क्या बदलाव देखे। जैसे नई टीचर मिली, नई किताबें, नऐ दोस्त, आदि। कुछ बच्चों  ने बताया कि उनका स्कूल बदल गया क्यूंकि वे नई क्लास मे गये है ।

इसके बाद बच्चों से पूछा कि वे अपने बारे में कोई खास बात लिखकर बताएं कि वे अपने आप को किस की तरह समझते हैं। तब बच्चों ने अपने बारे में बताया।

जैसे-

  • वे झुठ नही बोलते।
  • बड़ों का आदर करते हैं।
  • सब से मिल कर रहते हैं।
  • अपने दोस्तों का ख्याल रखते हैं।       

इसके बाद संगीता और षगुफी ने बच्चों को Importance of Life Skills के बारे में बताया।

उन्होने बच्चों  को 10 मुख्य जीवन कौषल के बारे में बताया।

  1. समस्या समाधान                      
  2. निर्णय लेना
  3. रचनात्मक सोच
  4. विवेचनात्मक चिंतन
  5. प्रभावी संप्रेषण
  6. पारम्परिक कौषल
  7. आत्म सजगता
  8. तनाव से पार पाना
  9. भावनाओं से पार पाना।

संगीता और शगुफी ने इन कौषल को लेकर बच्चो के साथ बात की।

तीसरा दिनStory Telling

दिनांक-3-6-2015, समय-10 बजे से 12 बजे तक

विषय: कहानी बनाना और कहानी सुनाना

उपस्थिति: जे.एम.सी -  यासमीन,गुडडी,बाबी नायक, सुरेष सिहं, रुम-टू-रीड - प्रियंका और राखी

आज जी.आर.सी. में समर कैम्प का तीसरा दिन था।कैम्प की षुरूआत हमने आपसी परिचय से की जिसमें पहले अपना नाम बताना है और फिर अपने पसंद की कहानी बतानी है।इसके बाद राखी ने बच्चों को एक कहानी सुनाई जिसका नाम पोपो की पूंछ था। फिर कहानी के बारे में बताया कि कहानी बनाते समय निम्न बातों का ध्यान देना चाहिए।

पात्र, डायलाग, कहानी का नाम, कहानी के लिए चित्र आदि चीजों का विषेष ध्यान रखना पड़ता है।और उसके बाद मेरी कहानी, तेरी कहानी, उसकी कहानी, मेरी बहन की कहानी नाम के चार ग्रुप बनाए और फिर सभी बच्चों ने अपने-अपने ग्रुप में कहानी बनाई तथा फिर प्रत्येक ग्रुप ने अपनी-अपनी कहानी सुनाई। 

उसके बाद सभी बच्चों को न्यूजपेपर के चित्रों को दिखा कर कहानी बनाई प्रत्येक बच्चे ने एक-एक चित्र देखकर कहानी बनाई और सभी बच्चों ने एक-एक लाईन जोड़कर कहानी पूरी की। सभी बच्चों को कहानी बनाने में बहुत मजा आया।

चौथा दिन

दिनांक: 4-6-2015, समयः-10 बजे से 12 बजे तक

विषय: पेंटिंग (अंगूठा छाप चित्र)

उपस्थिति: यासमीन, गुडडी, बाबी नायक, सुरेष सिहं

आज जे.एम.सी. समर कैम्प का चौथा दिन था। सबसे पहले सुरेष सिहं ने एक दूसरे का नाम जानने के लिए अपना नाम बताने से पहले षुरु के सबके नाम बताए और फिर अपना नाम बताया। इस प्रकार परिचय वाली गतिविधि पूरी हुई।

उसके बाद यासमीन, बाबी, और गुडडी ने सभी बच्चों को अंगूठे व उंगलियों से अंगूठा छाप चित्र बनाने बताए जिसमें स्टांप पैड, पानी वाले रंग, स्पंज और पेंसिल प्रयोग में लाए गए और सभी बच्चों ने तरह-तरह की अकृतियां बनाई तथा पांच-पांच बच्चों के ग्रुप बनाकर सबको अलग-अलग थीम दी गई जैसेः-गांव का दृष्य, प्रर्यावरण दृष्य आदि।

उसके बाद बाबी नायक ने सभी बच्चों को राम बोलता है गेम खिलवाया जोकि सभी बच्चों को बहुत पसंद आया।