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अ आ इ ई हिन्दी हमने सीख ली

हमारे पास तीसरी कक्षा से छठी कक्षा तक बच्चे पढ़ने आते है जिसमें कुछ बच्चे पढ़ने लिखने में बहुत कमजोर है क्योंकि उन बच्चो को घरों में भी पढ़ने की मदद नहीं मिलती है। उनके माता-पिता काम पर जाते है तो बच्चों को समय नहीं दे पाते है । माता-पिता भी इतने पढ़े-लिखे नहीं होते हैं कि अपने बच्चों को खुद पढ़ा सके। उनके घर का या घर के आस पास का माहौल भी वैसा नहीं होता है कि बच्चे की पढ़ाई में रूचि रहे। ये हमारे पास आते तो है पढ़ने के लिए लेकिन उनको पढ़ने में अच्छा नहीं लगता है। और उनको पढ़ना सिखाना हमारे लिए एक चुनौती पूर्ण काम है। इन बच्चों को पढ़ाने में हम लोगो को भी थोडी परेशानी आती है क्योंकि जो बच्चे पढ़ने में

अंतर्राष्ट्रीय दृष्टी दिवस

’रोशन हो सके किसी का जंहा ऐसी लौ जला दो, जाते-जाते अपनी आंखो को किसी का सूरज बना दो’ ऐसे लिखनेवाली जयशंकर  मेमोरियल सेंटर की छात्रा श्रीना के साथ सभी छात्र व छात्राएं ’अंतर्राष्ट्रीय दॄष्टि दिवस’ के अवसर पर अपनी उत्कृष्ट चित्रकला का  प्रदर्शन किया। सभी बच्चो ने नेत्रदान व आंखो की सुरक्षा को लेकर अधिक से अधिक जागरूक करनेवाली जानकारी को प्रस्तुत किया। 11 अक्तूबर के दिन जयशंकर मेमोरियल सेंटर में ’अंतर्राष्ट्रीय दृष्टी दिवस’ के अवसर पर एक स्पर्धा आयोजित किया गया। जिसके अंतर्गत वर्ग 4थी से 10वी तक के छात्रों ने बढ चढकर हिस्सा लिया। आंखो की सुरक्षा व देखभाल तथा नेत्रदान इस स्पर्धा का मुख्य विषय थ

पुस्तक मेले में कविताओं का मेला

"पिता जीवन है संबल है शक्ति है, पिता सृष्टी के निर्माण के अभिव्यक्ति है", ऐसे माता-पिता पर आधारित कविता जे.एम.सी. के छात्राओं ने कविताओं के मेले में पेश किया तो दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। उन बच्चो के हाथ में तख्तियां थी उन पर माता-पिता लिखा था और उनके चित्र भी बने हुए थे।

समर कैंप का समापन समारोह

दिनांक 14 मई 2018 से जे.एम.सी.के प्रांगण में शुरू हुए समर कैम्प का समापन समारोह दिनांक 19 मई को किया गया । जिसमें सभी वर्ग के लड़के एंव लड़कियों को मिलाकर लगभग 75 बच्चे उपस्थित थे।

बच्चो ने मनाया ’शिक्षक दिवस’

कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो हर रिश्ते से अलग और हृदयस्पर्शी होते हैं। एक रिश्ते और छात्र का भी वही  रिश्ता होता है। एक तरफ जहां शिक्षक बच्चों के बेहतर भविष्य को लेकर कड़ी परिश्रम और पूर्ण योगदान देते रहते हैं उसी तरह छात्रों के दिल में उनके लिये श्रध्दा प्रेम और आदर विद्यमान होता है। इसी मनोभावना का दिवस रहा है ’शिक्षक दिवस’।

Teachers Day 2017