विशव पुस्तक मेला में जे.एम.सी. के बच्चो ने भाग लिया

17 फरवरी 2015 कि सुबह फिर एक बार जे.एम.सी. मे बच्चो कि आवाज गुंज रही थी क्योंकि लाइब्रेरी के सभी बच्चो को विष्व पुस्तक मेला 2015 ले जाया जा रहा था। यह मौका इस लिए भी खास था क्योंकि ऐसा बहुत कम ही होता है जब लाइब्रेरी के सभी बच्चो को एक साथ कही बाहर जाने का मौका मिलता है। जी.आर.सी. से गुडडी रानी भी अपने एन.एफ.ई. के बच्चो के साथ जे.एम.सी. में आयी।
 
 
फिर जयशंकर  मेमोरियल सेन्टर से छाया प्रवीण लाइब्रेरी इंचार्ज ज्योत्सना व रिमेडियल से अतुल सागर के साथ सफर की शुरुआत हुई और हमेशा कि तरह बच्चो ने अपना अंताक्षरी का कार्यक्रम भी शुरु कर दिया। जैसे ही हम पुस्तक मेला पहुचे हमने देखा कि वहां पर अन्य स्कूलो के काफी बच्चे मौजुद थे।
 
 
वहा हमारा स्वागत एन.बी.टी. से मानस रंजन माहापात्र जी ने किया। उसके बाद रिमेडियल के बच्चो ने एक नाटक भी पेश किया जिसका नाम था ’उमा की पढाई’। नाटक को वहां काफी पसंद भी किया गया इसके अलावा अन्य स्कूलो के बच्चो ने नृत्य का प्रदर्शन किया साथ ही वहां मौजुद कुसुमलता जी ने भी बच्चो को एक कहानी सुनाई जो कि बच्चो को तो पसंद आ ही रही थी पर बड़ो को भी काफी पसंद आ रही थी। कहानी अंत मे बच्चो से कुछ प्रष्न पुछे गये जो कि उन्ही के कहानी से लिया गया था।
 
 
 
कार्यक्रम के अंतिम क्षणो में बच्चो को जानवरो के बचाव के बारे मे भी समझाया गया। सभी बच्चो को अल्पाहार व प्रमाण पत्र के साथ एक-एक पेन भी दिया गया। इसके अलावा लाइब्रेरी के कुछ बच्चो ने चित्रकाला व मुखोटा बनानेवालं सत्र मे भाग लिया।
 
अंत मे सभी बच्चे पुस्तक मेला मे घूमे और वहां से निकल कर इंडिया गेट गये जहां उन्होंने खुब मौज मस्ती कि और फिर जे.एम.सी. पहुंचे और इस तरह उस दिन का समापन हुआ।