अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2015

 
11- मार्च 2015 को 3 बजे से हमने जी.आर.सी.ए जसोलाए में महिला दिवस के कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे हमारे स्वंय सहायता समूह के कुछ सचिव और उपसचिव . माया जीए कुसुम जीए फरहानाए और मीरा जी।
 
 
महिला दिवस के मौके पर हमने एक प्रदर्षन का भी आयोजन किया इसमे हमने जी.आर.सी. में आने वाले सिलाई ब्यूटी पार्लर और अनौपचारिक षिक्षा मे आने वाले महिला एवं बच्चो द्वारा बनाये गये सामान को रखा।
 
 
 
कर्यक्रम कि षुरूआत जी.आर.सी. कोर्डिनेटर सुरेष सिहं ने की उन्होने सभी मुख्य अतिथियों का स्वागत कर उन्हे मंच पर आंमत्रित किया। और सभी उपस्थित लोगों को महिला दिवस के बारे में बताया और कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए मंच पर ब्यूटी कल्चर की टीचर फरहीन को आमंत्रित किया। मंच पर आकर फरहीन ने कुछ अनोखे अंदाज से लोगों को महिला दिवस के बारे में बताया।
 
इसके बाद ने जे.एम.सी. के बच्चों ने बहुत ही सुंदर गाना पेष किया। हमको मन की षक्ति देना। गाना समाप्त होने के बाद फरहीन ने बच्चों का धन्यवाद कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए कटिंग एव टेलरिंग से कुलसुम को बुलाया कुलसुम ने सभी के सामने महिला दिवस के बारे में अपने विचार रखे। इसके बाद कम्यूनिटि से इकरा को बुलाया इकरा ने एक नज़्म सुनाई।
 
इसके बाद फरहीन ने स्वयं सहायता समूह से मीरा जी और उनके गु्रप को भोजपुरी गाने के लिए मंच पर बुलाया। मीरा जी और उनके गु्रप ने ढ़ोलक बजाकर गाना गाया जो सभी को बहुत पसंद आया।
 
गाना खत्म होने के बाद फरहीन ने साक्षी एन.जी.ओ. से माया जी को महिला दिवस के अवसर अपनी बात रखने के लिए आमंत्रित किया। माया जी ने लोगों को बताया कि हम महिला दिवस क्यों मनाते है। और महिलाओं के क्या-क्या अधिकार हैं। उसके बाद जे.एम.सी. के रिमेडियल के विध्यार्थियों ने एक नाटक प्रस्तुत किया जो कि लड़कियांे की शिक्षा के पर आधारित था। ” ऊमा कि पढ़ाई“।
 
 
नाटक के बाद जी.आर.सी. पूनम शर्मा व बाॅबी नायक लोगों को महिला दिवस के बारे मे बताया और महिलाओ के अधिकारो के बारे मे बताया।
जे.एम.सी. एक जोषिले गाने पर नृत्य प्रस्तुत किया अन्त में जी.आर.सी. बच्चों ने एक पंजाबी गिददा प्रस्तुत किया जिसके साथ ही महिला दिवस के कार्यक्रम का समापन किया गया ।
 
उन्होने बताया कि हमारी जरूरत जो भौतिक सुविधाये आज उपलब्ध नहीं है उसकी जिम्मेदारी चुने हुए नुमाइंदो की है पर वह लोग जवाबदेही नही है। लेकिन वही नुमाइंदे फिरसे आके कैसे हम से वोट मांग सकते है? जीतने के बाद यही लोग पांच साल तक यहां आके देखना तक भी जरूरी नहीं समझते है इसी लिये हम सबको एक होकर अपने हको के लिये एक होकर लड़ना होगा और संघर्ष करना होगा।
 
जे.एम.सी. एक जोषिले गाने पर नृत्य प्रस्तुत किया अन्त में जी.आर.सी. बच्चो ने एक पंजाबी गिददा प्रस्तुत किया जिसके साथ ही महिला दिवस के कार्यक्रम का समापन किया गया ।