अटूट लगन की लाजवाब मिसाल!

कुछ समझ नहीं आया क्षण भर के लिए मानो वक्त वही  ठहर गया हो । खुशी का कोई ठिकाना ना रहा । इतनी खुशी की आंखों से आंसू निकल आए । यह वक्त था 10वी परीक्षा के परिणाम देखने के बाद का जब पता चला कि हमारे सारे के सारे बच्चे पास हो गए । इतना ही नहीं स्कूल का टॉपर लाने वाला विद्यार्थी सुशांत वह है जिसे हमने पढ़ाया ऐसा ही होता है जब आपकी मेहनत ऐसा रंग लाए जैसा आप वर्षों से देखने के लिए लालायित हो। जाने कितने बार घंटो प्रेरणास्पद बातें कही हमने जाने इतनी बार मासूम से बच्चों पर गुस्सा किया हमने इस तरह प्यार, गुस्सा, मेहनत, समर्पण और त्याग इन सभी का मिला जुला फल मिला है सबको और हमारे उन बच्चों को जिसकी वजह

कोविड-19 विश्व महामारी का दिल्ली में विकराल

Grocery distribution in Pandemic Covid-19दिसंबर 2019 भारत के लिए ही नहीं अपितु पूरी दुनिया के लिए एक घोर संकट की शुरुआत थी और वह संकट कोविड-19 के रूप में पूरी दुनिया को तबाह करने के लिए अपना विकराल रूप-धारण कर चीन के वुहान् शहर में इस वाइरस की उत्पत्ति हुई। उसके उपरांत पूरे विश्व को अपने चपेट में लिया साथ-ही-साथ हिन्दोस्तान में 30 जनवरी को केरल में पहली बार इसका आगमन हुआ। कुछ ही दिनों में पूरे भारत में फैलते हुए इसने

खेल के साथ ’बाल दिवस’

बाल दिवस जो कि बाल एंव बालाओं का मनोबल बढ़ाने के लिए हर साल 14 नवम्बर को जे.एम.सी के प्रांगण में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। बाल दिवस के 2 दिन पहले से ही प्रांगण में एक अलग जूनून एवं उत्साह सारे बच्चों में देखने को मिलता है क्योंकि दो दिन पहले से ही प्रांगण में खेल का आयोजन करवाया जाता है जिससे बच्चों का इस कोलाहल भरे वातावरण में खेल के प्रति रूचि जगे एवं मानसिक और शारीरिक विकास भलीभांति हो सके।Sports

बच्चों ने दिखायी बचपन की सीख

Delhi book fair-2019दिल्ली का प्रगति मैदान मेलों के लिये खास जगह बतौर बहुत ही लोकप्रीय है। यहां लगनेवाला हर मेला अपने आप में खास होता है वैसे ही दिल्ली पुस्तक मेला इस बार खास इसलिये भी था कि ’बचपन सोसाइटी’ के तरफ से जिस कार्यक्रम को आयोजित किया गया था जो उसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150 वीं जयंती को समर्पित था।

5 सितम्बर शिक्षक दिवस एक आदर्श शिक्षक के नाम

Teacher's Day-2019
Teacher's day celebration at JMC

गुरू ब्रह्मा  गुरू विष्णु

गुरू देवो महेष्वर :

गुरू साक्षात् परब्रह्मा

तसमै श्री गुरूवै नमः

ए.डब्ल्यू.आई.सी के वार्षिक समारोह  में बच्चों  ने पुरस्कारों की फुलझड़ी लगायी

बारिश कि बुदों के साथ ही हम लोग 18 जुलाई 2019 को सुबह 9:30 बजे गांधी पीस फाउन्डेशन की ओर रवाना हुये जिसमें मैं आशिष कुमार, बॉबी नायक 10 बच्चे  शामिल थे, जो सातवी व आठवी कक्षा के थे। सारे बच्चों को वहां प्रतियोगिता में भाग लेना था। प्रतियोगिता में चित्र  देखकर कहानी बनाना, मुहावारों का अर्थ बताकर वाक्य में प्रयोग करना, हास्य कथा प्रतियोगिता एवं संख्या द्वारा चित्र  बनाना आदि थे।ए.डब्ल्यू.आई.सी के वार्षिक समारोह