खेल के साथ ’बाल दिवस’

बाल दिवस जो कि बाल एंव बालाओं का मनोबल बढ़ाने के लिए हर साल 14 नवम्बर को जे.एम.सी के प्रांगण में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। बाल दिवस के 2 दिन पहले से ही प्रांगण में एक अलग जूनून एवं उत्साह सारे बच्चों में देखने को मिलता है क्योंकि दो दिन पहले से ही प्रांगण में खेल का आयोजन करवाया जाता है जिससे बच्चों का इस कोलाहल भरे वातावरण में खेल के प्रति रूचि जगे एवं मानसिक और शारीरिक विकास भलीभांति हो सके।Sports

बच्चों ने दिखायी बचपन की सीख

Delhi book fair-2019दिल्ली का प्रगति मैदान मेलों के लिये खास जगह बतौर बहुत ही लोकप्रीय है। यहां लगनेवाला हर मेला अपने आप में खास होता है वैसे ही दिल्ली पुस्तक मेला इस बार खास इसलिये भी था कि ’बचपन सोसाइटी’ के तरफ से जिस कार्यक्रम को आयोजित किया गया था जो उसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150 वीं जयंती को समर्पित था।

5 सितम्बर शिक्षक दिवस एक आदर्श शिक्षक के नाम

Teacher's Day-2019
Teacher's day celebration at JMC

गुरू ब्रह्मा  गुरू विष्णु

गुरू देवो महेष्वर :

गुरू साक्षात् परब्रह्मा

तसमै श्री गुरूवै नमः

ए.डब्ल्यू.आई.सी के वार्षिक समारोह  में बच्चों  ने पुरस्कारों की फुलझड़ी लगायी

बारिश कि बुदों के साथ ही हम लोग 18 जुलाई 2019 को सुबह 9:30 बजे गांधी पीस फाउन्डेशन की ओर रवाना हुये जिसमें मैं आशिष कुमार, बॉबी नायक 10 बच्चे  शामिल थे, जो सातवी व आठवी कक्षा के थे। सारे बच्चों को वहां प्रतियोगिता में भाग लेना था। प्रतियोगिता में चित्र  देखकर कहानी बनाना, मुहावारों का अर्थ बताकर वाक्य में प्रयोग करना, हास्य कथा प्रतियोगिता एवं संख्या द्वारा चित्र  बनाना आदि थे।ए.डब्ल्यू.आई.सी के वार्षिक समारोह

जे.एम.सी. में निराशा पर साहस की जीत

13 जुलाई 2019 को जयशंकर मेमोरियल सेंटर के प्रांगण में एक तरफ मिलन तो दूसरी तरफ जुदाई कुछ इस तरह का ही माहौल देखने को मिला। एक तरफ जहां दसवीं व बारहवीं पास बच्चे और नौवीं, दसवीं में पढ़ रहे बच्चे एक दूसरे से मिलकर अपना अनुभव और खुशी बांट रहे थे वहीं दूसरी तरफ कुछ बच्चों को जे.एम.सी. से अलग होने का दुख भी हो रहा था।जे.एम.सी. में निराशा पर साहस की जीत

सीखने और सीखाने का नमूना

 

सीखने और सीखाने का नमूना 29, जून 2019 को जयशंकर मेमोरियल सेंटर में त्योहारो का माहौल था। दस दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का  समापन कुछ रंगारंग कार्यक्रम के साथ होना था। बच्चो में उत्साह और आनन्द की कोई सीमा नहीं थी। हर कोई अपने अन्दर का कलाकार और जो भी उसने सीखा इन दस दिनो में उसे बाहर करने के लिए बेचैन थे।

बच्चों की हुनर की बरसात

बारिश का पानी।

JMC-Summer Camp 2019 - Children Drawingबारिश का मौसम आया। 
रंग सुनहरे लाया। 
झमझम-झमझम पानी बरसे। 
साथ में बिजली भी चमके।। 

ऐसी सुंदर सी कविता बच्चो ने खुद जे.एम.सी. के प्रांगण में चलने वाले ग्रीष्मकालीन शिविर में ही बना सकते हैं जो हम सोच भी नही सकते थे।

अ आ इ ई हिन्दी हमने सीख ली

हमारे पास तीसरी कक्षा से छठी कक्षा तक बच्चे पढ़ने आते है जिसमें कुछ बच्चे पढ़ने लिखने में बहुत कमजोर है क्योंकि उन बच्चो को घरों में भी पढ़ने की मदद नहीं मिलती है। उनके माता-पिता काम पर जाते है तो बच्चों को समय नहीं दे पाते है । माता-पिता भी इतने पढ़े-लिखे नहीं होते हैं कि अपने बच्चों को खुद पढ़ा सके। उनके घर का या घर के आस पास का माहौल भी वैसा नहीं होता है कि बच्चे की पढ़ाई में रूचि रहे। ये हमारे पास आते तो है पढ़ने के लिए लेकिन उनको पढ़ने में अच्छा नहीं लगता है। और उनको पढ़ना सिखाना हमारे लिए एक चुनौती पूर्ण काम है। इन बच्चों को पढ़ाने में हम लोगो को भी थोडी परेशानी आती है क्योंकि जो बच्चे पढ़ने में

अंतराष्ट्रीय दृष्टी दिवस

’रोशन हो सके किसी का जंहा ऐसी लौ जला दो, जाते-जाते अपनी आंखो को किसी का सूरज बना दो’ ऐसे लिखनेवाली जयशंकर  मेमोरियल सेंटर की छात्रा श्रीना के साथ सभी छात्र व छात्राएं अंतराष्ट्रीय दॄष्टि दिवस के अवसर पर अपनी उत्कृष्ट चित्रकला का  प्रदर्शन किया। सभी बच्चो ने नेत्रदान व आंखो की सुरक्षा को लेकर अधिक से अधिक जागरूक करनेवाली जानकारी को प्रस्तुत किया। 11 अक्तूबर के दिन जयशंकर मेमोरियल सेंटर में ’अंतर्राष्ट्रीय दृष्टी दिवस’ के अवसर पर एक स्पर्धा आयोजित किया गया। जिसके अंतर्गत वर्ग 4थी से 10वी तक के छात्रों ने बढ चढकर हिस्सा लिया। आंखो की सुरक्षा व देखभाल तथा नेत्रदान इस स्पर्धा का